उन्नाव में चिट फंड घोटाला: लोगों के करोड़ों रुपये ठगे, निवेशकों में हाहाकार
उन्नाव जिले के बांगरमऊ थाना क्षेत्र के गंज मुरादाबाद में एक चिट फंड कंपनी, अरबाज इंटरप्राइजेज, ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए। इस कंपनी ने 15 दिनों में पैसे डबल करने का झांसा देकर कई लोगों को अपने जाल में फंसा लिया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को पैसा डबल करके दिखाया गया, जिससे उनका विश्वास जीत लिया गया। इस विश्वास में आकर लोगों ने अपनी जमा पूंजी, गहने, और यहां तक कि अपने घर भी गिरवी रखकर पैसे निवेश कर दिए।
ठगी के शिकार लोगों की आपबीती
कंपनी ने पहले कुछ समय तक लोगों को पैसे वापस किए, लेकिन जब बड़ी संख्या में निवेश हो गया, तो कंपनी के संचालक अचानक गायब हो गए। इस स्थिति में फंसे हुए लोगों ने महीनों तक कंपनी के ऑफिस के चक्कर लगाए, लेकिन वहां उन्हें केवल तारीखें ही दी जाती रहीं। महिलाओं और गरीब लोगों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ा, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी और गहने लगाकर निवेश किया था, इस उम्मीद में कि 15 दिनों में पैसा डबल हो जाएगा और वे अपनी संपत्ति वापस पा सकेंगी।
कंपनी संचालक और कानूनी कार्रवाई
जब स्थिति गंभीर हो गई और निवेशकों का गुस्सा उबल पड़ा, तब उन्होंने कंपनी संचालकों के घर पर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी के संचालकों—अयान, शान, अमीर, और अदनान—के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा और न्याय की मांग
इस घोटाले से प्रभावित स्थानीय लोग अब न्याय की मांग कर रहे हैं। एक महिला, सीमा, जिसने अपने चार लाख रुपये इस कंपनी में लगाए थे, ने बताया कि अब उसके पास कोई सहारा नहीं है और वह समझ नहीं पा रही कि क्या करे।
पूर्व सभासद सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने 10 दोस्तों के 53 लाख रुपये इस कंपनी में लगवाए थे, लेकिन अब कोई भी पैसा वापस नहीं मिल रहा है। इस तरह की घटनाओं से लोगों में गहरी नाराजगी है, और वे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घोटाले से सबक
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि लालच में आकर बिना जांच-पड़ताल के किसी भी चिट फंड या निवेश योजना में पैसा लगाना कितना खतरनाक हो सकता है। निवेशकों को चाहिए कि वे हमेशा सतर्क रहें और ऐसी योजनाओं से दूर रहें जो अवास्तविक लाभ का वादा करती हैं।
निष्कर्ष
उन्नाव में हुए इस चिट फंड घोटाले ने सैकड़ों लोगों की ज़िन्दगी को मुश्किल में डाल दिया है। पुलिस की जांच चल रही है, और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पीड़ितों को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनके पैसे वापस मिलेंगे।