म्यूचुअल फंड उद्योग के बुनियादी ढांचे की मजबूती पर सेबी का जोर
परिचय
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य, अमरजीत सिंह ने मनीकंट्रोल म्यूचुअल फंड शिखर सम्मेलन के तीसरे संस्करण में म्यूचुअल फंड उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों और उसकी आवश्यकताओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि म्यूचुअल फंड उद्योग को तेजी से बढ़ती लेनदेन की मात्रा को संभालने के लिए अपने बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है।
हाल की घटना का संदर्भ
सिंह ने अपने संबोधन में एक हालिया घटना का जिक्र किया, जिसमें कुछ म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों को कट-ऑफ समय के भीतर निवेश करने के बावजूद उसी दिन का नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) आवंटित करने में असमर्थ रहीं। 4 जून को आम चुनाव के नतीजों के दिन बाजार में गिरावट के बाद, कई निवेशकों ने निचले स्तरों पर निवेश करने का प्रयास किया था। लेकिन उन्हें अगले दिन की कीमतों पर यूनिट्स आवंटित की गईं, जब बाजार में सुधार हो चुका था, जिससे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।
म्यूचुअल फंड एनएवी आवंटन में देरी
म्यूचुअल फंड यूनिट्स निवेशकों को उसी दिन के एनएवी पर आवंटित की जाती हैं, जिस दिन उनका निवेश कट-ऑफ समय से पहले म्यूचुअल फंड के खातों में प्राप्त होता है। 4 जून को, बैंकों, एक्सचेंजों, और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के बीच पैसे की आवाजाही में देरी के कारण कुछ निवेशकों को यूनिट्स आवंटन में देरी का सामना करना पड़ा। इस देरी के कारण, वे बाजार की गिरावट का लाभ उठाने में असमर्थ रहे और उन्हें अगले दिन की बढ़ी हुई कीमतों पर यूनिट्स आवंटित की गईं।
सेबी की चिंता और सलाह
अमरजीत सिंह ने इस घटना को म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में देखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योग को अपनी बुनियादी ढांचे की क्षमता को बनाए रखना और इसे बढ़ाना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके। उनका मानना है कि म्यूचुअल फंड उद्योग में हो रही वृद्धि के अनुरूप, बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिकी तंत्र को भी उसी गति से उन्नत करना चाहिए। इससे निवेशकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी और वे बाजार के उतार-चढ़ाव का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
निष्कर्ष
सेबी के अमरजीत सिंह का बयान म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने इस घटना के माध्यम से उद्योग को अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है, ताकि निवेशकों को ऐसी परिस्थितियों में नुकसान न हो और वे बाजार के अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें। यह संदेश म्यूचुअल फंड उद्योग के विकास और सुधार के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे भारतीय बाजार और अधिक स्थिर और निवेशक-अनुकूल बन सके।