स्टारबक्स ने निकल दिया इस भारतीय चेयरमैन और सीईओ को

स्टारबक्स ने बाहर कर दिया इस भारतीय चेयरमैन और सीईओ को

स्टारबक्स का नेतृत्व परिवर्तन: ब्रायन निकोल बने नए चेयरमैन और सीईओ

 

स्टारबक्स ने निकल दिया इस भारतीय चेयरमैन और सीईओ को

 

स्टारबक्स कॉर्पोरेशन ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है। चिपोटल मैक्सिकन ग्रिल के प्रमुख ब्रायन निकोल को कंपनी का नया चेयरमैन और सीईओ नियुक्त किया गया है। वह लक्ष्मण नरसिम्हन की जगह लेंगे, जिन्होंने सितंबर 2022 में स्टारबक्स के सीईओ का पद संभाला था। निकोल 9 सितंबर से अपनी नई भूमिका में शामिल होंगे, और इस दौरान स्टारबक्स की सीएफओ रेचल रग्गेरी अंतरिम सीईओ के रूप में कार्य करेंगी।

ब्रायन निकोल: स्टारबक्स के लिए एक परिवर्तनकारी नेता

स्टारबक्स के बोर्ड ने ब्रायन निकोल की नियुक्ति की घोषणा करते हुए उन्हें एक “परिवर्तनकारी नेता” करार दिया। बोर्ड का मानना है कि निकोल स्टारबक्स, उसके कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए एक नई दिशा प्रदान करेंगे। ब्रायन निकोल ने चिपोटल में अपने नेतृत्व के दौरान कंपनी को उल्लेखनीय प्रगति की ओर अग्रसर किया था, और अब उन्हें स्टारबक्स को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अपनी नियुक्ति पर खुशी व्यक्त करते हुए निकोल ने कहा, “मैं इस प्रतिष्ठित कंपनी का नेतृत्व करने के लिए उत्साहित हूं। स्टारबक्स एक वैश्विक ब्रांड है, और मैं इसके भविष्य को लेकर बहुत आशान्वित हूं।” उनका यह बयान स्टारबक्स के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

लक्ष्मण नरसिम्हन का इस्तीफा और स्टारबक्स का संघर्ष

लक्ष्मण नरसिम्हन ने तुरंत प्रभाव से अपने पद और कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। उनके कार्यकाल में स्टारबक्स को स्थिर बिक्री और गिरते शेयर मूल्य के कारण एक्टिविस्ट निवेशकों के दबाव का सामना करना पड़ा। इस दबाव के चलते कंपनी को अपने संचालन और पूंजी आवंटन की समीक्षा करने की जरूरत पड़ी। नरसिम्हन के नेतृत्व में कंपनी की इन चुनौतियों का समाधान नहीं हो पाया, जिससे उनके इस्तीफे की नौबत आई।

शेयर बाजार में प्रभाव

स्टारबक्स के अचानक नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा के बाद, कंपनी के शेयरों में प्रीमार्केट ट्रेडिंग के दौरान 12% की वृद्धि देखी गई। यह वृद्धि निवेशकों के बीच ब्रायन निकोल की नियुक्ति के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाती है। वहीं, चिपोटल के शेयरों में 10% की गिरावट आई, जो निकोल के कंपनी छोड़ने के बाद चिपोटल के भविष्य को लेकर निवेशकों के बीच चिंता को दर्शाता है।

स्टारबक्स की नेतृत्व की यात्रा

लक्ष्मण नरसिम्हन से पहले, स्टारबक्स के संस्थापक हॉवर्ड शुल्ट्ज अंतरिम सीईओ के रूप में कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे। शुल्ट्ज ने कंपनी के शुरुआती दिनों से लेकर अब तक कई बार कंपनी की बागडोर संभाली है और इसे एक वैश्विक ब्रांड में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नरसिम्हन की जगह लेने वाले ब्रायन निकोल के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वह स्टारबक्स को नई दिशा में कैसे ले जाते हैं।

चिपोटल में नेतृत्व परिवर्तन

चिपोटल ने ब्रायन निकोल की जगह स्कॉट बोटराइट को अंतरिम सीईओ के रूप में नियुक्त किया है। निकोल के नेतृत्व में चिपोटल ने उल्लेखनीय प्रगति की थी, और अब बोटराइट के पास यह चुनौती होगी कि वह निकोल की विरासत को कैसे आगे बढ़ाते हैं। चिपोटल में यह बदलाव ऐसे समय पर हो रहा है जब कंपनी अपने विस्तार और नवाचार की नई योजनाओं पर काम कर रही है।

अधिकारियों और निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण समय

स्टारबक्स में इस नेतृत्व परिवर्तन के पीछे मुख्य कारण कंपनी के संचालन और पूंजी आवंटन की समीक्षा के लिए एक्टिविस्ट निवेशकों का बढ़ता दबाव बताया जा रहा है। इन निवेशकों का मानना था कि कंपनी को अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है, ताकि वह तेजी से बदलते बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सके।

निष्कर्ष
स्टारबक्स का नेतृत्व परिवर्तन एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कंपनी के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। ब्रायन निकोल के पास कंपनी को नई दिशा देने की क्षमता और अनुभव दोनों हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह स्टारबक्स को किस तरह से अगले स्तर तक ले जाते हैं, और इस परिवर्तन का कंपनी के प्रदर्शन और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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