RBI की मॉनिटरी पॉलिसी ब्याज दरों में कटौती
आज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मॉनिटरी पॉलिसी पेश की और आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण राहत दी है। RBI ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती की है, जो पिछले 5 वर्षों में पहली बार हुआ है। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने और सुस्त बाजार को उबारने के लिए उठाया गया है।
ब्याज दरों में कटौती से क्या होंगे फायदे?
RBI के इस फैसले से आम आदमी से लेकर बिजनेस सेक्टर तक को लाभ मिलेगा।
- EMI होगी सस्ती
- जिन लोगों ने होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया है, उनकी मासिक EMI कम हो जाएगी।
- बिजनेस लोन सस्ते होंगे
- छोटे और बड़े बिजनेसमैन अब कम ब्याज दर पर लोन लेकर अपने बिजनेस का विस्तार कर पाएंगे।
- बचत बढ़ेगी, खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी
- ब्याज दरें घटने से लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा रहेगा, जिससे वे बाजार में अधिक खर्च कर सकेंगे।
- रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा
- होम लोन और कार लोन सस्ते होने से इन सेक्टरों में मांग बढ़ेगी।
सरकार के हालिया फैसले भी अर्थव्यवस्था को देंगे बढ़ावा
हाल ही में पेश किए गए बजट 2025 में सरकार ने 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है। इसका मतलब यह है कि मध्यम वर्ग के लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे वे उपभोक्ता वस्तुओं पर अधिक खर्च कर सकेंगे।
कैसे लिया गया यह फैसला?
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने तीन दिनों तक बैठक कर अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति, मुद्रास्फीति और विकास दर पर गहन चर्चा की। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि ब्याज दरों में कटौती कर बाजार को प्रोत्साहित किया जाए।
क्या यह फैसला सही साबित होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बाजार में मांग बढ़ाने, निवेश को आकर्षित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकता है। हालांकि, मुद्रास्फीति पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह देखने की जरूरत होगी।
आगे क्या होगा? इस फैसले से अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।