बाजार का आउटलुक अमीषा वोरा की राय
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रभुदास लीलाधर कैपिटल (PL Capital) की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमीषा वोरा ने बाजार की मौजूदा स्थिति और निवेश के अवसरों पर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि टैरिफ वॉर और एफआईआई की बिकवाली के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की बैलेंस शीट मजबूत है।
करेक्शन में निवेश के मौके
- अगले 2-3 महीनों में निवेश के अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
- क्वालिटी लॉर्ज कैप और मिडकैप स्टॉक्स अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
- कमजोर फंडामेंटल वाले शेयरों की पुरानी वैल्यूएशन वापस आना मुश्किल होगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती
- केंद्र सरकार, बैंकिंग सेक्टर और प्रमुख उद्योगों की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है।
- अर्निंग्स, मैक्रोइकोनॉमी और एफआईआई की बिकवाली के कारण बाजार में करेक्शन देखने को मिल रहा है।
- मीडियम और लॉन्ग टर्म में भारतीय बाजार का आउटलुक सकारात्मक है।
डॉलर और टैरिफ वॉर का प्रभाव
- डॉलर में आगे अधिक मजबूती की संभावना कम है।
- इस टैरिफ वॉर से भारत को चीन की तुलना में 10-20% तक की सुरक्षा मिल सकती है।
किन शेयरों पर रखें नजर?
लॉर्ज कैप और मिडकैप कंपनियां जिनकी अर्निंग ग्रोथ मजबूत है।
रेलवे और डिफेंस सेक्टर में निवेश के अच्छे मौके।
ABB और Cummins जैसी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां ग्रोथ दिखा सकती हैं।
कमजोर फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश से बचें, क्योंकि वे अपने पुराने स्तर पर नहीं लौट पाएंगे।
डिफेंस और रेलवे सेक्टर की संभावनाएं
- डिफेंस सेक्टर की अर्निंग विजिबिलिटी अच्छी बनी हुई है, और स्टॉक्स करेक्ट हो चुके हैं।
- रेलवे सेक्टर में “कवच” प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत है।
- ABB और Cummins जैसी कंपनियों की ग्रोथ संभावनाएं मजबूत हैं।
क्या आप भी इस करेक्शन में निवेश का प्लान बना रहे हैं? कमेंट में अपनी राय दें!