वारेन बफेट ने क्यों बेचे अरबों के शेयर?
क्या अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आने वाली है?
दुनिया के सबसे मशहूर निवेशकों में से एक वारेन बफेट ने हाल ही में एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे शेयर बाजार में हलचल मच गई है। उनकी कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) ने पिछले साल 134 अरब डॉलर के शेयर बेच दिए और अब उनके पास 325 अरब डॉलर की नगदी (cash reserves) जमा हो गई है।
इस घटना के बाद निवेशकों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या बफेट को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका है? क्या अमेरिकी बाजार गिरने वाला है?
क्या है इस बड़े फैसले के पीछे की वजह?
1. बफेट की रणनीति जब डर हो, तब खरीदो
वारेन बफेट हमेशा कहते हैं, “जब लोग लालची होते हैं, तब डरना चाहिए और जब लोग डरते हैं, तब लालची बनना चाहिए।”
बफेट का यह सिद्धांत बताता है कि वह बाजार में गिरावट का इंतजार कर रहे हैं ताकि सस्ते दामों पर बेहतरीन कंपनियों में निवेश कर सकें।
2. अमेरिकी बाजार में ओवरवैल्यूएशन (Overvaluation)
पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी शेयर बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। कई स्टॉक्स बहुत महंगे हो चुके हैं और बफेट हमेशा वैल्यू इन्वेस्टिंग (Value Investing) में विश्वास रखते हैं। ऐसे में संभावना है कि वे बाजार में गिरावट का इंतजार कर रहे हैं ताकि सही मौके पर निवेश कर सकें।
3. एप्पल समेत दिग्गज कंपनियों में हिस्सेदारी बेचना
बफेट ने अपनी सबसे पसंदीदा कंपनी एप्पल (Apple) के भी कुछ शेयर बेच दिए हैं। यह दिखाता है कि वह बाजार में कुछ बड़ा होने की आशंका जता रहे हैं।
4. ट्रंप के टैरिफ प्लान का असर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ प्लान से बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है। इससे शेयर बाजार में गिरावट आ सकती है और शायद इसी वजह से बफेट ने अपनी रणनीति बदली है।
क्या निवेशकों को घबराने की जरूरत है?
- घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि समझदारी से निवेश करें।
- वारेन बफेट लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टिंग के लिए सही मौके की तलाश में रहते हैं।
- अगर बाजार में करेक्शन आता है, तो यह नए निवेशकों के लिए बेहतरीन मौका हो सकता है।
- निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष बफेट की रणनीति से सीखने की जरूरत
- बफेट बाजार की गिरावट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे सस्ते में अच्छे शेयर खरीद सकें।
- शेयर बाजार में हमेशा लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट करें और पैनिक में आकर फैसले न लें।
- अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है, इसलिए स्मार्ट इन्वेस्टमेंट प्लानिंग करें।