Adani Group के ऐलान
Adani Group द्वारा वायर और केबल इंडस्ट्री में उतरने की घोषणा के बाद 20 मार्च को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। Polycab India, KEI Industries, Havells, RR Kabel, और Finolex Cables जैसी कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में 14 प्रतिशत तक गिर गए।
किन कंपनियों पर पड़ा असर?
- KEI Industries शेयरों में 13.64 प्रतिशत तक गिरावट।
- Polycab India 8.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
- Havells India शेयरों में 4.53 प्रतिशत तक गिरावट।
- RR Kabel और Finolex Cables दोनों कंपनियों के शेयर 4 प्रतिशत तक लुढ़के।
Adani Group की JV कंपनी ‘Pranita Ecocables’
Adani Group ने बुधवार को शेयर बाजार को सूचित किया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Kutch Copper Limited ने ‘Pranita Ecocables’ नामक एक ज्वाइंट वेंचर (JV) का गठन किया है।
- JV में हिस्सेदारी Kutch Copper की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
- Pranita Ecocables का उद्देश्य
- मेटल प्रोडक्ट्स, केबल्स और वायर का निर्माण।
- मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री का विस्तार।
Adani Enterprises के शेयर पर निवेशकों की नजर
इस घोषणा के बाद Adani Enterprises के शेयर भी निवेशकों के रडार पर आ गए। शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत से अधिक बढ़त दिखी, लेकिन बाद में यह लाल निशान में आ गए।
UltraTech Cement भी इस इंडस्ट्री में उतरा
Adani Group से पहले Birla Group ने भी UltraTech Cement के जरिए इस सेगमेंट में उतरने की घोषणा की थी।
- UltraTech के ऐलान के बाद भी वायर और केबल कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई थी।
- KEI Industries के चेयरमैन Anil Gupta: उन्होंने कहा था कि UltraTech को इस कारोबार को स्थापित करने में कम से कम 3 साल लगेंगे।
- RR Kabel के CFO Rajesh Jain: उन्होंने कहा कि UltraTech की एंट्री उतनी नकारात्मक नहीं है जितना बाजार अनुमान लगा रहा था।
निवेशकों में सतर्कता और रणनीति पर नजर
- Elara Capital के वाइस प्रेसिडेंट Harshit Kapadia: उन्होंने कहा कि वह केबल और वायर सेगमेंट को लेकर सतर्क हैं और UltraTech की रणनीति स्पष्ट होने के बाद इस सेक्टर में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
पिछले एक महीने का प्रदर्शन
- Adani Enterprises 6.3 प्रतिशत बढ़ा।
- Polycab India 14 प्रतिशत गिरा।
- KEI Industries 24 प्रतिशत की गिरावट।
- Havells India 2 प्रतिशत ऊपर रहा।
भविष्य की संभावनाएं
बाजार में निवेशकों की नजरें Adani Group और UltraTech की रणनीति पर टिकी हैं। वायर और केबल इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण मौजूदा कंपनियों को अपना मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए नई रणनीतियों पर काम करना होगा।