अमेरिका में मंदी की आशंका
अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता
हाल ही में अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वॉर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी उथल-पुथल मचा दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ नीति के तहत भारत और चीन समेत अन्य देशों से आयात पर शुल्क बढ़ाने की घोषणा के बाद, चीन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी वस्तुओं पर 34% तक टैक्स लगाने का ऐलान किया है।
गिरावट की ओर अमेरिकी शेयर बाजार
इस टकराव का असर अमेरिकी शेयर बाजारों पर साफ दिखा।
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डॉव जोंस में 2,200 अंकों की गिरावट आई।
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नैस्डैक 2022 के बाद पहली बार बियर मार्केट में प्रवेश कर चुका है।
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JPMorgan ने अमेरिका की GDP ग्रोथ रेट 2025 के लिए घटाकर -0.3% कर दी है, जो पहले 1.3% अनुमानित थी।
भारत भी अछूता नहीं रहा
अमेरिका की मंदी और वैश्विक अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है।
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Nifty में 1.5% की गिरावट आई और यह 22,904.45 पर बंद हुआ।
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मेटल, फार्मा और एनर्जी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।
निवेशकों के लिए रणनीति किन सेक्टरों से दूरी बनाएं, कहां करें निवेश?
सोच-समझकर निर्णय लेने का समय
विशेषज्ञों का मानना है कि घबराने के बजाय विचारशील और रणनीतिक निवेश इस समय सबसे बेहतर रहेगा।
1. VSRK Capital की राय
स्वप्निल अग्रवाल कहते हैं कि IT और मेटल जैसे सेक्टर फिलहाल जोखिम में हैं। उनकी सलाह है कि निवेशक इनसे दूरी बनाए रखें और FMCG, फार्मा और फाइनेंस जैसे घरेलू मांग पर आधारित सेक्टरों की ओर रुख करें।
2. SIP से सुरक्षित निवेश का रास्ता
वर्तमान अस्थिर माहौल में Systematic Investment Plan (SIP) एक स्थिर और संतुलित निवेश विकल्प माना जा रहा है। इससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बनी रहती है।
3. Geojit Investments की चेतावनी
विनोद नायर का कहना है कि एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर जैसे IT और मेटल फिलहाल दबाव में हैं और इनकी गिरावट जारी रह सकती है।
4. Baroda BNP Paribas की रणनीति
जितेंद्र श्रीराम मानते हैं कि अमेरिका की मंदी का प्रभाव भारत की IT सेवाओं पर पड़ेगा। उन्होंने केमिकल, टेक्सटाइल और फिशरीज जैसे सेक्टरों में सतर्क रहने की सलाह दी है और घरेलू सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया है।
निवेश की दिशा क्या होनी चाहिए?
इनसे बचें
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IT
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मेटल
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केमिकल
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टेक्सटाइल
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फिशरीज
इनमें करें निवेश
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FMCG
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फार्मा
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फाइनेंस
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अन्य घरेलू मांग आधारित सेक्टर