बाजार में गिरावट से घबराएं नहीं

बाजार में गिरावट से घबराएं नहीं, करेक्शन के बाद होगी रिकवरी

बाजार में गिरावट से घबराएं नहीं

हाल ही में भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, एडलवाइस की रिपोर्ट के अनुसार, यह अस्थायी करेक्शन है और जल्द ही बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिलेगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि हर बड़ी गिरावट के बाद बाजार नई ऊंचाइयों को छूता है

बाजार में गिरावट से घबराएं नहीं

भारतीय बाजार में करेक्शन का इतिहास

एडलवाइस की रिसर्च के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में भारतीय शेयर बाजार में 10 बड़े करेक्शन हुए हैं। लेकिन इनमें से कोई भी करेक्शन तीन महीने से अधिक नहीं चला और उसके बाद अच्छी रिकवरी देखने को मिली।

पिछले कुछ प्रमुख करेक्शन और उनकी रिकवरी

वर्ष करेक्शन की अवधि गिरावट (%) अगले वर्ष की रिकवरी (%)
2015 मार्च – सितंबर (188 दिन) 15% 18%
2020 फरवरी – मार्च (40 दिन) 38% 88%
2022 जनवरी – मार्च (49 दिन) 13% 12%
2022 अप्रैल – जून (74 दिन) 15% 24%
2024-25 सितंबर – मार्च (168 दिन) 14% अनुमानित तेजी

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हर करेक्शन के बाद बाजार नई ऊंचाइयों तक जाता है, इसलिए निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है

रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी

भारतीय शेयर बाजार में अब सिर्फ विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का दबदबा नहीं रहा, बल्कि घरेलू निवेशकों (DIIs) की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।

बाजार में गिरावट से घबराएं नहीं

FIIs और DIIs की बाजार हिस्सेदारी का बदलाव

वर्ष FIIs की हिस्सेदारी (%) DIIs की हिस्सेदारी (%)
2010 16.40% 11.80%
2014 22.10% 11.10%
2020 20.80% 15.40%
2025 (Q3) 17.40% 18.20%

FIIs की हिस्सेदारी घटी है, जबकि DIIs की पकड़ मजबूत हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि घरेलू निवेशकों का भारतीय बाजार में आत्मविश्वास बढ़ रहा है

अमेरिका-भारत व्यापार घाटा अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति

एडलवाइस की रिपोर्ट में अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं।

अमेरिका का व्यापार घाटा (बिलियन डॉलर में)

देश व्यापार घाटा (अमेरिका के लिए)
चीन 295 अरब डॉलर
मैक्सिको 172 अरब डॉलर
वियतनाम 124 अरब डॉलर
आयरलैंड 87 अरब डॉलर
भारत 46 अरब डॉलर

भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। यह दिखाता है कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंध संतुलित हैं और इससे भारतीय बाजार को कोई बड़ा झटका नहीं लगेगा।

एडलवाइस के पसंदीदा सेक्टर निवेश के बेहतरीन अवसर

रिपोर्ट के अनुसार, लंबी अवधि के निवेश के लिए कुछ सेक्टर अधिक लाभदायक हो सकते हैं

एडलवाइस के टॉप 5 सेक्टर

  1. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स – घरेलू उपभोग में वृद्धि के कारण यह सेक्टर अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
  2. कंज्यूमर सर्विस – इस सेक्टर में लगातार ग्रोथ देखने को मिल रही है।
  3. कैपिटल गुड्स – इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट से इस सेक्टर को फायदा मिलेगा।
  4. FMCG – रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पादों की मांग स्थिर रहती है, जिससे यह सेक्टर मजबूत बना रहता है।
  5. कंस्ट्रक्शन मटीरियल – रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बढ़ोतरी से यह सेक्टर लाभान्वित होगा।

निष्कर्ष बाजार में गिरावट के बावजूद सकारात्मक बने रहें

  • भारतीय शेयर बाजार में करैक्शन अस्थायी होता है और ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि हर गिरावट के बाद नई ऊंचाई आती है
  • रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रहेगी।
  • अमेरिका-भारत व्यापार संतुलित है, जिससे भारतीय बाजार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
  • निवेश के लिए सही सेक्टर्स को चुनकर लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है।

निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि स्मार्ट इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी अपनाकर लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर ध्यान देना चाहिए।

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