ब्लैकरॉक की भारत में विस्तार योजना
दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक (BlackRock) भारत में अपने दो iHubs (सपोर्ट हब) गुरुग्राम और मुंबई का विस्तार करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत, कंपनी करीब 1200 नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाली है।
सूत्रों के अनुसार, ब्लैकरॉक जल्द ही डेटा फर्म Preqin का अधिग्रहण कर बेंगलुरु में एक नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करेगा, जिसमें 1,500 कर्मचारी होंगे।
ब्लैकरॉक की भर्ती और विस्तार की रणनीति
ब्लैकरॉक अपने गुरुग्राम और मुंबई iHubs में 1200 कर्मचारियों की भर्ती करेगा, जिससे इन केंद्रों में कुल कर्मचारियों की संख्या 3,500 के करीब पहुंच जाएगी।
इसके अलावा, AI टीम के लिए इंजीनियर्स और डेटा एक्सपर्ट्स की भर्ती की जाएगी।
ऑफिस विस्तार
- ब्लैकरॉक ने मुंबई के गोरेगांव में 400 करोड़ रुपये में एक नया ऑफिस लीज पर लिया है।
- हालांकि, इस विस्तार पर कंपनी के प्रवक्ता ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का बढ़ता दबदबा
पहले भारत बैक-ऑफिस वर्क का केंद्र था, लेकिन अब यहां तेजी से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विकास हो रहा है।
GCCs में काम करने वाले पेशेवर
- इंजीनियर
- डेटा विश्लेषक
- फाइनेंशियल एक्सपर्ट
- कानूनी सलाहकार
EY (अर्न्स्ट एंड यंग) की रिपोर्ट के अनुसार
- 2030 तक भारत में GCCs का बाजार 110 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
- इसमें 45 लाख से अधिक लोग कार्यरत होंगे।
भारत में अन्य वैश्विक वित्तीय कंपनियों का निवेश
- JP Morgan Chase, HSBC Holdings, और Apollo Global Management हजारों भारतीय कर्मचारियों को नियुक्त कर चुके हैं।
- Goldman Sachs के बेंगलुरु और हैदराबाद GCCs में लगभग 9,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।
ब्लैकरॉक iHubs में कौन-कौन से कार्य होते हैं?
ब्लैकरॉक के iHubs में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- इनवेस्टमेंट रिसर्च
- रिस्क मैनेजमेंट
- फाइनेंशियल इंजीनियरिंग
- बिजनेस ऑपरेशंस
- डेटा एनालिटिक्स
इनमें से कई कार्यों में AI तकनीक की आवश्यकता होती है, इसलिए ब्लैकरॉक अपनी AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नई भर्ती कर रहा है