चाइकिन मनी फ्लो (CMF) परिचय और उपयोग
चाइकिन मनी फ्लो (CMF) एक शक्तिशाली तकनीकी इंडिकेटर है जिसे 1980 के दशक में मार्क चाइकिन ने विकसित किया। यह इंडिकेटर वॉल्यूम और प्राइस मूवमेंट का उपयोग करके बाजार में खरीदारी (Accumulation) और बिक्री (Distribution) के दबाव का आकलन करता है। CMF मुख्य रूप से ट्रेंड की ताकत का निर्धारण करने, ट्रेंड कन्फर्म करने और संभावित रिवर्सल की पहचान के लिए उपयोग किया जाता है।
चाइकिन मनी फ्लो (CMF) क्या है?
मुख्य अवधारणा
- यदि क्लोजिंग प्राइस हाई के करीब हो
यह दर्शाता है कि बाजार में खरीदारी का दबाव अधिक है। - यदि क्लोजिंग प्राइस लो के करीब हो
यह संकेत करता है कि बाजार में बिक्री का दबाव ज्यादा है।
रेंज
- CMF का मान +1 से -1 के बीच रहता है, लेकिन सामान्यतः यह +0.5 से -0.5 के बीच देखा जाता है।
मुख्य उद्देश्य
- बाजार के मौजूदा ट्रेंड को समझना।
- ब्रेकआउट्स और डाइवर्जेंस की पहचान करना।
CMF की गणना कैसे करें?
चाइकिन मनी फ्लो को तीन स्टेप्स में कैल्कुलेट किया जाता है:
-
मनी फ्लो मल्टीप्लायर (MFM)
MFM=(Close−Low)−(High−Close)High−LowMFM = \frac{(Close – Low) – (High – Close)}{High – Low} -
मनी फ्लो वॉल्यूम (MFV)
MFV=MFM×VolumeMFV = MFM \times Volume -
CMF
CMF=n दिनों का MFV का योगn दिनों का वॉल्यूम का योगCMF = \frac{\text{n दिनों का MFV का योग}}{\text{n दिनों का वॉल्यूम का योग}}
यहां, n आमतौर पर 21 दिनों का पीरियड होता है।
CMF को कैसे पढ़ें?
1. ज़ीरो लाइन से ऊपर
- खरीदारी का दबाव (Bullish Trend) का संकेत।
2. ज़ीरो लाइन से नीचे
- बिक्री का दबाव (Bearish Trend) दर्शाता है।
मुख्य रणनीतियाँ
1. ब्रेकआउट कन्फर्मेशन
- बुलिश ब्रेकआउट
यदि प्राइस रेजिस्टेंस को तोड़ता है और CMF ऊपर जा रहा है, तो यह दर्शाता है कि ट्रेंड जारी रहेगा। - बेयरिश ब्रेकडाउन
यदि प्राइस सपोर्ट के नीचे गिरता है और CMF नीचे जा रहा है, तो यह गिरावट के जारी रहने का संकेत देता है।
2. डाइवर्जेंस (Divergence)
- बुलिश डाइवर्जेंस
जब प्राइस नया लो बना रहा हो, लेकिन CMF ऐसा न करे। यह संभावित ट्रेंड रिवर्सल का संकेत हो सकता है। - बेयरिश डाइवर्जेंस
जब प्राइस नया हाई बना रहा हो, लेकिन CMF नीचे की ओर हो।
CMF बनाम ए/डी लाइन (Accumulation/Distribution Line)
पैरामीटर | CMF | A/D लाइन |
---|---|---|
रेंज | +1 से -1 | क्यूमुलेटिव (Cumulative) |
प्रयोजन | ट्रेंड का कन्फर्मेशन और डाइवर्जेंस | वॉल्यूम और प्राइस का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड |
मुख्य अंतर | ज़ीरो लाइन के इर्द-गिर्द झूलता है | ग्राफ क्यूमुलेटिव दिशा में चलता है |
CMF की सीमाएँ
- अकेले उपयोग नहीं करें
CMF को अन्य तकनीकी इंडिकेटर्स जैसे RSI, मूविंग एवरेज के साथ मिलाकर उपयोग करना चाहिए। - लेट संकेत (Lagging Signal):
यह डेटा पर आधारित होने के कारण कभी-कभी संकेत देर से देता है।
निष्कर्ष
चाइकिन मनी फ्लो (CMF) एक अत्यधिक उपयोगी इंडिकेटर है, जो वॉल्यूम और प्राइस मूवमेंट को जोड़कर बाजार की गहराई समझने में मदद करता है। इसे समझने से आप न केवल बेहतर ट्रेडिंग निर्णय ले सकते हैं, बल्कि संभावित ट्रेंड रिवर्सल की पहचान भी कर सकते हैं।
सुझाव
- CMF का उपयोग अन्य इंडिकेटर्स के साथ करें।
- इसे समझने और उपयोग करने के लिए प्रैक्टिस करें।