DeepSeek बैन होगा या नहीं?
भारत में चीनी ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स को लेकर हमेशा से चिंताएं बनी रही हैं। TikTok, PUBG, और कई अन्य चीनी ऐप्स पहले ही बैन किए जा चुके हैं, और अब DeepSeek को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है।
हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, जिसमें DeepSeek को बैन करने की मांग की गई। याचिकाकर्ता का दावा है कि
यह भारतीय यूजर्स की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के लिए खतरा है।
DeepSeek की चीन-निर्मित तकनीक संवेदनशील जानकारी एकत्र कर सकती है।
इससे भारत की साइबर सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रतिबंध से क्यों किया इनकार?
हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में तत्काल प्रतिबंध से इनकार कर दिया और कहा:
“अगर DeepSeek इतना खतरनाक है, तो लोग इसका इस्तेमाल ही न करें।”
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से ठोस सबूत और विस्तृत अध्ययन पेश करने को कहा।
सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की समीक्षा कर सकती हैं।
क्या DeepSeek भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है?
DeepSeek को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि यह चीन से संचालित होता है।
क्या यह भारतीय यूजर्स का डेटा एकत्र कर सकता है?
क्या यह चीन के सरकारी सर्वरों से जुड़ा हुआ है?
क्या यह संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच सकता है?
अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इस पर गहराई से जांच करनी चाहिए।
क्या सरकार DeepSeek पर बैन लगा सकती है?
संभावित कदम
सरकार साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों से प्लेटफॉर्म का विश्लेषण करवा सकती है।
अगर डेटा सुरक्षा में खामी पाई जाती है, तो DeepSeek को बैन किया जा सकता है।
चीन से जुड़े अन्य ऐप्स और AI टूल्स की भी समीक्षा हो सकती है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए?
अगर आप DeepSeek का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अपनी डेटा प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहें।
अगर आपको संदेह है कि यह आपकी संवेदनशील जानकारी एकत्र कर सकता है, तो इसका उपयोग करने से बचें।
निष्कर्ष
DeepSeek पर प्रतिबंध की मांग अभी कोर्ट ने खारिज कर दी है, लेकिन सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियां इस पर नजर रख सकती हैं। अगर कोई ठोस सबूत सामने आते हैं, तो इस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या DeepSeek भारत में बैन होगा या नहीं!