डिजिटल फ्रॉड पर सख्ती
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को दिसंबर 2024 में ओम्बड्समैन स्कीम के तहत 27,401 से अधिक डिजिटल फ्रॉड की शिकायतें मिलीं। यह दर्शाता है कि ऑनलाइन लेनदेन में धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए सख्ती
आरबीआई ने डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए नई तकनीकों और सख्त निगरानी को अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई नए उपाय लागू किए जा रहे हैं।
सरकारी योजनाओं की कुछ सुविधाएं हो सकती हैं बंद
- वित्तीय लेनदेन से जुड़े प्लेटफॉर्म्स पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
- उच्च जोखिम वाली सरकारी योजनाओं की कुछ सुविधाओं को बंद करने पर विचार किया जा रहा है।
- धोखाधड़ी रोकने के लिए सभी ऑनलाइन ट्रांजेक्शनों में कड़ी सुरक्षा की जाएगी।
डिजिटल फ्रॉड के मुख्य कारण
- फिशिंग अटैक ईमेल, मैसेज या कॉल के जरिए संवेदनशील जानकारी चुराना।
- फेक एप्स नकली मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा चोरी।
- कस्टमर सपोर्ट स्कैम फर्जी कॉल्स और मैसेज के जरिए पैसे निकालना।
क्या है “बुल फ्रॉड पैटर्न”?
“बुल फ्रॉड पैटर्न” एक धोखाधड़ी का तरीका है, जिसमें साइबर अपराधी लोगों को लालच देकर फेक इन्वेस्टमेंट स्कीम्स में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करते हैं।
- पहले उच्च रिटर्न का वादा किया जाता है।
- फिर नकली ट्रांजेक्शन दिखाकर लोगों से पैसे वसूले जाते हैं।
- अंत में, पैसे की निकासी या ट्रांजेक्शन ब्लॉक कर दिया जाता है।
साइबर सिक्योरिटी के लिए नई रणनीति
सरकार और आरबीआई ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई नए उपाय लागू किए हैं:
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन
- ओटीपी वेरिफिकेशन
- एडवांस एनालिटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सुरक्षा
- बैंकों को अनधिकृत ट्रांजेक्शनों पर कड़ी निगरानी का निर्देश
डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- संवेदनशील जानकारी (ओटीपी, पासवर्ड) किसी के साथ साझा न करें।
- फर्जी कस्टमर सपोर्ट कॉल्स और ईमेल से सतर्क रहें।
- बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी लें।
- अपना बैंकिंग पासवर्ड नियमित रूप से बदलें।
उपभोक्ताओं को जागरूक करने की जरूरत
डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है। आरबीआई, बैंक और सरकारी संस्थाएं लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं।
ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी बरतें और सतर्क रहें।