Donald Trump और उनकी Tariff Policy
टैरिफ नीति पर ट्रंप का सख्त रुख
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump अपने दूसरे कार्यकाल में भी टैरिफ नीति को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उनका मानना है कि अमेरिका के साथ कई देशों ने अनुचित व्यापार किया है, जिसमें भारत, चीन और यूरोपीय संघ भी शामिल हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका अब इन देशों द्वारा लगाए गए अनुचित टैरिफ और व्यापारिक नीतियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
भारत पर ऊँचे टैरिफ का आरोप
भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर लगाया अधिक शुल्क
Donald Trump का कहना है कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर अत्यधिक टैरिफ लगाया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा इस मुद्दे को बार-बार उठाने के बाद भारत अब शुल्क में कटौती के लिए तैयार हो गया है।
भारत में व्यापार करना आसान नहीं – ट्रंप
ट्रंप ने भारत में व्यापारिक माहौल पर भी सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में कारोबार करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में लगाए गए ऊँचे टैरिफ अमेरिकी उत्पादों की बिक्री को मुश्किल बना रहे हैं और व्यापारिक बाधाएँ बढ़ा रहे हैं।
अन्य देशों पर भी ट्रंप का निशाना
Donald Trump ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि चीन और यूरोपीय संघ पर भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये देश अमेरिका से अधिक लाभ उठाते रहे हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियों को इन देशों में कारोबार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) की नीति
ट्रंप ने “जैसे को तैसा” नीति अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई देश अमेरिकी उत्पादों पर ऊँचा टैरिफ लगाता है, तो अमेरिका भी उस देश की वस्तुओं पर उसी अनुपात में टैरिफ लगाएगा। इस नीति का उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों और व्यापारियों की रक्षा करना है।
समर्थकों का समर्थन और साहसिक कदम
Donald Trump का दावा है कि अमेरिकी नागरिक और उनके समर्थक इस टैरिफ नीति का पूरा समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के लिए उनके पास साहस है और वह अमेरिका की आर्थिक संप्रभुता को बनाए रखने के लिए कड़े फैसले लेने से नहीं हिचकेंगे।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप की रणनीति
रूस पर कड़े प्रतिबंधों की योजना
Donald Trump ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अपनी नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जब तक यूक्रेन के साथ शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा। इसमें बैंकिंग प्रतिबंध (Banking Sanctions) और उच्च टैरिफ शामिल हो सकते हैं।
युद्ध समाप्त करने की शर्तें
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि रूस के खिलाफ सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने से यह युद्ध समाप्त करने में मदद मिल सकती है। उनका मानना है कि यदि रूस को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया जाए, तो वह युद्ध विराम के लिए मजबूर हो सकता है।