फरवरी 2025 में जीएसटी कलेक्शन 1.84 लाख करोड़
फरवरी 2025 में जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह लगातार 12वां महीना है जब जीएसटी कलेक्शन 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। यह आंकड़ा पिछले साल फरवरी 2024 की तुलना में 9.1% अधिक है। हालांकि, यह जनवरी 2025 के 1.96 लाख करोड़ रुपये के कलेक्शन से थोड़ा कम है।
नेट जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी
- रिफंड एडजस्टमेंट के बाद नेट जीएसटी कलेक्शन में 8.1% की बढ़ोतरी हुई।
- इससे यह साफ है कि देश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं और व्यापार में मजबूती बनी हुई है।
फरवरी में सिर्फ 28 दिन का कलेक्शन, फिर भी बढ़ोतरी
- फरवरी में सिर्फ 28 दिन होते हैं, इसके बावजूद जीएसटी कलेक्शन में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है।
- यह संकेत देता है कि अर्थव्यवस्था मजबूती की ओर बढ़ रही है और टैक्स कलेक्शन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
तीसरी तिमाही में इकोनॉमी की ग्रोथ मजबूत रही
- सरकार ने 28 फरवरी 2025 को Q3 (अक्टूबर-दिसंबर) के जीडीपी आंकड़े जारी किए।
- भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.2% दर्ज की गई, जो दूसरी तिमाही के 5.6% से अधिक है।
- मजबूत जीडीपी ग्रोथ का असर जीएसटी कलेक्शन पर भी पड़ा है।
फरवरी 2025 में जीएसटी कलेक्शन का विवरण
सरकार ने 1 मार्च 2025 को फरवरी के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी किए
जीएसटी प्रकार | कलेक्शन (₹ करोड़ में) |
---|---|
सेंट्रल जीएसटी (CGST) | 35,204 |
स्टेट जीएसटी (SGST) | 43,704 |
इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) | 90,870 |
कंपनसेशन सेस | 13,868 |
कुल जीएसटी कलेक्शन | 1,84,000 |
- फरवरी 2025 में जीएसटी रिफंड 20,889 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
- यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 17.3% अधिक है।
निष्कर्ष
- फरवरी 2025 में जीएसटी कलेक्शन 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
- लगातार 12 महीनों से 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी कलेक्शन दर्ज होना आर्थिक स्थिरता और विकासशील गतिविधियों का संकेत है।
- व्यापार और उद्योगों में सुधार जारी है, जिससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है।