2025 में इंडियन मार्केट्स का रिटर्न डबल
भारतीय स्टॉक मार्केट के लिए 2025 एक उम्मीदों भरा साल हो सकता है। बेक्सली एडवाइजर्स के उत्कर्ष सिन्हा का मानना है कि डबल डिजिट रिटर्न मिलने की संभावना है, हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
- फाइनेंशियल सर्विसेज, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अर्निंग ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है।
- सरकार ने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) बढ़ाया है, जिससे इन सेक्टर्स को फायदा मिलेगा।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत एक आकर्षक डेस्टिनेशन
उत्कर्ष सिन्हा के अनुसार, वैश्विक निवेशक स्थिरता की तलाश में हैं। अमेरिका और यूरोप की चुनौतियों के बीच भारत एक बेहतर निवेश गंतव्य बन सकता है।
भारत की आर्थिक दिशा, नियामकीय स्पष्टता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीति इसे अन्य बाजारों से अलग बनाती है।
- सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दे रही है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है।
- पूंजी बाजार में सुधारों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
इन सभी सुधारों से भारत में विदेशी निवेश को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है।
अमेरिका-यूरोप की चुनौतियां और भारत की स्थिति
अमेरिका
- टैरिफ नीतियों के कारण व्यापारिक अस्थिरता
- मुद्रास्फीति और उच्च ब्याज दरों का दबाव
यूरोप
- विभिन्न देशों की अलग-अलग आर्थिक नीतियों के कारण निवेशकों में अनिश्चितता
- ब्याज दरों में संभावित वृद्धि से बाजार पर असर
भारत
- सरकार ने व्यापार सुगमता पर जोर दिया है
- बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है
- पूंजी बाजार में सुधार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है
इन नीतिगत सुधारों के कारण भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक मजबूत बाजार बना हुआ है।
क्या गिरावट से रिटेल इन्वेस्टर्स बाजार से दूर हो जाएंगे?
उत्कर्ष सिन्हा का मानना है कि रिटेल इन्वेस्टर्स की बाजार में दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।
- व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) के जरिए हर महीने 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है।
- डीमैट अकाउंट्स की संख्या 13 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
- पारंपरिक बचत के मुकाबले अब अधिक लोग शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं।
यह दर्शाता है कि भारतीय रिटेल इन्वेस्टर्स शेयर बाजार को दीर्घकालिक अवसर के रूप में देख रहे हैं।