शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
फरवरी माह के आखिरी दिन यानी 28 फरवरी 2025 को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 50 में 420 अंकों और सेंसेक्स में 1414 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के सभी लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में आज ₹7 लाख करोड़ की गिरावट आई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
निफ्टी लगातार पांचवे महीने गिरावट के साथ बंद हुआ, जो बाजार में मंदी का संकेत देता है।
शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
1. अमेरिका द्वारा इंपोर्ट टैरिफ में बढ़ोतरी
गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि –
कनाडा और मैक्सिको से आयात पर 25% टैरिफ 4 मार्च से लागू होगा।
चीन से आयात किए जाने वाले सामानों पर 10% टैरिफ लगाया गया।
यूरोपीय संघ (EU) से आने वाले शिपमेंट पर 25% टैरिफ लगाने की योजना बनाई गई।
इन फैसलों से ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता और अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे भारतीय बाजार भी प्रभावित हुआ।
2. भारतीय अर्थव्यवस्था और GDP ग्रोथ में गिरावट
भारत की GDP ग्रोथ में सुस्ती और इनकम में गिरावट बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
सितंबर 2024 से अब तक निफ्टी 50 में 14% और मिडकैप इंडेक्स में 20-25% की गिरावट दर्ज की गई है।
दिसंबर तिमाही के GDP डेटा जल्द आने वाले हैं, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
विदेशी निवेशक (FII) भारतीय बाजार से भारी मात्रा में पैसे निकाल रहे हैं:
फरवरी 2025 में अब तक ₹47,349 करोड़ की बिकवाली।
सितंबर 2024 से अब तक ₹1,13,721 करोड़ की बिकवाली।
विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली के चलते बाजार में भारी दबाव बना हुआ है।
4. जापान और अन्य ग्लोबल बाजारों में गिरावट
शुक्रवार को जापान के शेयर बाजार में 1.2% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक मंदी का संकेत मिलता है।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स बढ़कर 107.35 पर पहुंच गया, जिससे उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए संकट बढ़ गया है।
डॉलर मजबूत होने से विदेशी निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से पैसा निकालकर अमेरिका में निवेश कर रहे हैं।