जेनसोल इंजीनियरिंग
संकटों से जूझ रही जेनसोल इंजीनियरिंग (Jensol Engineering) ने अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने शेयरों को 1:10 के अनुपात में विभाजित (Stock Split) करने का फैसला किया है।
गुरुवार, 13 मार्च को कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी दी कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फंड जुटाने के दो प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना
1. FCCBs के जरिए 400 करोड़ रुपये जुटाना
- कंपनी फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCBs) जारी करके 400 करोड़ रुपये जुटाएगी।
2. प्रमोटरों को वॉरंट जारी करके 200 करोड़ रुपये जुटाना
- प्रमोटरों को वॉरंट जारी कर 200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।
3. कर्ज घटाने और वित्तीय स्थिरता बढ़ाने की पहल
- यह निर्णय टिकाऊ ग्रोथ, कर्ज कम करने और शेयरधारकों के लिए अधिकतम वैल्यू बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
- कंपनी कुछ संपत्तियों और एक सहयोगी कंपनी को बेचने की प्रक्रिया में भी है, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
कर्ज और रिजर्व्स
- वर्तमान में कंपनी पर 1,146 करोड़ रुपये का कर्ज है।
- कंपनी के पास 589 करोड़ रुपये के रिजर्व्स हैं।
- 600 करोड़ रुपये की नई फंडिंग से रिजर्व्स बढ़कर 1,200 करोड़ रुपये हो जाएंगे।
- 615 करोड़ रुपये के विनिवेश (divestment) के बाद, कर्ज घटकर 530 करोड़ रुपये रह जाएगा।
- डेट-इक्विटी रेशियो 1.95 से घटकर 0.44 हो जाएगा, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
1:10 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट की मंजूरी
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1:10 स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) को मंजूरी दी है।
स्टॉक स्प्लिट के संभावित फायदे
- शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ेगी।
- छोटे निवेशकों के लिए शेयर अधिक किफायती हो जाएंगे।
- शेयरधारकों की संख्या बढ़ेगी।
- ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी उछाल देखने को मिल सकता है।
शेयरों में गिरावट और लोअर सर्किट पर बंद
शेयरों की मौजूदा स्थिति
- कंपनी की इन घोषणाओं के बावजूद, 13 मार्च को जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयर 5 प्रतिशत गिरकर 261.70 रुपये के लोअर सर्किट पर बंद हुए।
- शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 81 प्रतिशत गिर चुका है।
जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयरों में गिरावट क्यों आई?
1. क्रेडिट रेटिंग में गिरावट
- CARE और ICRA ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग घटा दी।
- 3 मार्च को CARE ने कंपनी की लॉन्ग और शॉर्ट टर्म बैंक फैसिलिटीज की रेटिंग घटाकर ‘CARE D’ कर दी।
- 4 मार्च को ICRA ने भी रेटिंग घटाई, यह कहते हुए कि “लोन पेमेंट से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी” पाई गई है।
‘CARE D’ रेटिंग उन कंपनियों को दी जाती है जो डिफॉल्ट कर चुकी होती हैं या डिफॉल्ट करने की कगार पर होती हैं।
कंपनी का स्पष्टीकरण और जांच की घोषणा
फर्जीवाड़े के आरोपों से इनकार
- जेनसोल इंजीनियरिंग ने किसी भी वित्तीय अनियमितता से इनकार किया है।
- कंपनी ने घोषणा की है कि वह एक स्वतंत्र कमेटी (Independent Committee) बनाकर इस मामले की जांच करेगी।
निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।