क्या कम P/E रेशियो वाले स्टॉक्स में निवेश सही है?
जब भी हम शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो P/E (Price to Earnings) रेशियो एक अहम फैक्टर माना जाता है। अक्सर, निवेशक यह सोचते हैं कि कम P/E वाला स्टॉक सस्ता है और ज्यादा P/E वाला महंगा। लेकिन क्या केवल P/E देखकर निवेश करना सही है?
हाल ही में, कुछ बड़े स्टॉक्स के P/E रेशियो में गिरावट आई है, लेकिन उनकी कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
P/E रेशियो में गिरावट और कीमतों में बढ़त
कुछ प्रमुख कंपनियों की कीमतें 90 प्रतिशत से 300 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं, लेकिन उनके P/E रेशियो पहले से कम हो गए हैं।
उदाहरण के लिए:
- Hindalco Industries का P/E पहले 58.6 था, जो अब 23.1 रह गया है, लेकिन इसकी कीमत 328 प्रतिशत बढ़ चुकी है।
- IndiGo (InterGlobe Aviation) का P/E 39.2 से घटकर 28.9 हो गया, लेकिन स्टॉक में 266 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
इसका क्या मतलब है?
इन कंपनियों की कमाई बढ़ी है, जिससे P/E कम हुआ, लेकिन बाजार में इनकी मांग बढ़ने से स्टॉक की कीमत भी ऊपर गई।
P/E रेशियो में गिरावट के कारण
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मुनाफे में बढ़ोतरी – अगर किसी कंपनी का मुनाफा तेजी से बढ़ता है, लेकिन स्टॉक की कीमत उसी अनुपात में नहीं बढ़ती, तो P/E कम हो जाता है।
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निवेशकों की बढ़ती रुचि – जब निवेशक किसी सेक्टर या कंपनी में भरोसा बढ़ाते हैं, तो स्टॉक की मांग बढ़ती है और P/E में बदलाव आता है।
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सेक्टर की स्थिति – हर सेक्टर का औसत P/E अलग होता है। उदाहरण के लिए:
- मेटल और एनर्जी सेक्टर में P/E तेजी से बदलता है।
- फाइनेंस और ऑटो सेक्टर में यह ज्यादा स्थिर रहता है।
क्या कम P/E वाले स्टॉक्स में निवेश करना सही रहेगा?
अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं, तो कम P/E और मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
कुछ अच्छे विकल्प
- BPCL – P/E 7.1, एनर्जी सेक्टर में मजबूत स्थिति।
- Indus Towers – P/E 8.9, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी।
- Coal India – डिविडेंड देने वाली एनर्जी सेक्टर की बड़ी कंपनी।
- Maruti Suzuki – ऑटो सेक्टर की लीडर कंपनी, इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में विस्तार कर रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी सीख
- सिर्फ P/E देखकर निवेश न करें – कंपनी का पूरा फंडामेंटल एनालिसिस जरूरी है।
- कम P/E हमेशा बेहतर नहीं होता – किसी कमजोर बिजनेस का P/E कम हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह निवेश के लिए अच्छा है।
- लॉन्ग-टर्म नजरिया अपनाएं – कई स्टॉक्स शॉर्ट टर्म में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते, लेकिन लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।