High Court ने SEBI और AMFI को भेजा नोटिस
अगर आपने भी “Mutual Fund Sahi Hai” जैसे विज्ञापन बार-बार देखे हैं, तो अब इन पर सवाल उठने लगे हैं। Bombay High Court ने इस मामले को गंभीर मानते हुए Securities and Exchange Board of India (SEBI) और Association of Mutual Funds in India (AMFI) को नोटिस जारी किया है।
PIL दाखिल करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट का आरोप
चार्टर्ड अकाउंटेंट Chandrakant Shah ने Public Interest Litigation (PIL) दायर कर यह दावा किया है कि
SEBI ने निवेशकों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी AMFI को दी, लेकिन AMFI इसे सही ढंग से पूरा नहीं कर रही।
“Mutual Fund Sahi Hai” और “Dhairya Rakhein, Nivesh Banaye Rakhein” जैसे विज्ञापन निवेशकों को गुमराह कर सकते हैं।
म्यूचुअल फंड्स को ‘Safe Investment Option’ की तरह दिखाया जाता है, जबकि इनमें जोखिम भी शामिल होते हैं।
क्या Mutual Fund सुरक्षित है?
याचिका में कहा गया है कि:
Mutual Fund विज्ञापनों में जोखिम को पूरी तरह उजागर नहीं किया जाता।
मशहूर हस्तियों का उपयोग कर निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की जाती है।
निवेशकों को इन योजनाओं के जोखिमों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जाती।
Public Interest का मामला कोर्ट की प्रतिक्रिया
Bombay High Court की Chief Justice D.K. Upadhyaya और Justice Amit Borkar की बेंच ने इस मुद्दे को Public Interest Issue माना है। अदालत ने:
निवेशकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वकील Abhishek Venkataraman को Amicus Curiae नियुक्त किया।
SEBI और AMFI की ज़िम्मेदारी पर सवाल
SEBI का मुख्य कार्य Share Market Regulation और निवेशकों को सही जानकारी देना है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि SEBI ने अपनी जिम्मेदारी AMFI को सौंप दी है, लेकिन AMFI इसे पूरी तरह निभाने में असमर्थ है।
आगे क्या होगा?
अगली सुनवाई 30 जनवरी 2025 को होगी।
SEBI और AMFI को अदालत के सामने अपना रुख स्पष्ट करना होगा।
अगर आरोप साबित होते हैं, तो Mutual Fund प्रचार अभियानों में बदलाव हो सकता है।
निष्कर्ष
Bombay High Court का यह कदम निवेशकों की सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता के लिए एक बड़ा फैसला हो सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि SEBI और AMFI क्या रुख अपनाते हैं और क्या बदलाव किए जाते हैं।