निफ्टी 50 पहुंचा 22000 के स्तर पर
भारतीय शेयर बाजार लगातार पांच महीनों से गिरावट का सामना कर रहा है, और मार्च की शुरुआत में भी बाजार में कमजोरी बनी हुई है। हर बार रिट्रेसमेंट के बाद फिर से गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
“बाय ऑन डिप्स” फेल साबित हो रहा है
तकनीकी विश्लेषण की लोकप्रिय रणनीति “बाय ऑन डिप्स” इस समय विफल होती दिख रही है।
- हर बाउंस-बैक के बाद बाजार फिर से टूट रहा है।
- रिटेल निवेशक पूल-बैक पर एंट्री नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि डर बना हुआ है कि मार्केट फिर गिर सकता है।
- मार्केट लगातार अपने पिछले लो तोड़कर नीचे जा रहा है, जिससे बॉटम कैच करना कठिन हो गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी – बॉटम कैच करने की गलती न करें!
शेयर बाजार में अक्सर कहा जाता है –
“जब लोग कहते हैं कि मार्केट बहुत बढ़ चुका है, तो मार्केट और ऊपर जाता है। और जब लोग कहते हैं कि मार्केट बहुत गिर चुका है, तो मार्केट और गिरता है।”
वर्तमान स्थिति
- निवेशक सोच रहे हैं कि मार्केट का बॉटम आ चुका है और अब खरीदारी करनी चाहिए।
- लेकिन हर बार नया लो बन रहा है, जिससे जल्दबाजी में खरीदी करने वाले निवेशकों को नुकसान हो सकता है।
क्या करें?
बॉटम कैच करने की कोशिश न करें।
कम से कम वीकली कैंडल बूलिश बनने का इंतजार करें।
स्ट्रॉन्ग सपोर्ट लेवल और प्राइस एक्शन को ध्यान में रखें।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है, और निफ्टी 50 ने 22,000 के महत्वपूर्ण स्तर को छू लिया है। निवेशकों को घबराहट में खरीदारी करने से बचना चाहिए और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए। कम से कम वीकली बूलिश कैंडल बनने के बाद ही नई पोजीशन लेने पर विचार करें।