Nifty 275 अंक टूटा, IT और Auto सेक्टर में बिकवाली
मार्च सीरीज की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रही। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों और विदेशी निवेशकों (FIIs) की जबरदस्त बिकवाली के चलते बाजार में भारी गिरावट देखी गई।
Nifty 50 – 275 अंक गिरकर 22,300 के नीचे फिसला
Bank Nifty – प्रमुख सपोर्ट लेवल्स से नीचे टूटा
Midcap और Smallcap शेयरों में 2% से ज्यादा गिरावट
IT और Auto सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव, 3-4% की गिरावट
Nifty और Bank Nifty में तेज गिरावट
Nifty 50 – 275 अंकों की गिरावट के साथ 22,300 के नीचे बंद हुआ।
Bank Nifty – बिकवाली के दबाव में प्रमुख सपोर्ट लेवल्स से नीचे टूटा।
F&O (वायदा और ऑप्शन) सेगमेंट में भारी दबाव, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी।
मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते यह गिरावट आई है।
Midcap और Smallcap शेयरों में भारी गिरावट
Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 2% से ज्यादा टूटे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में पिछले कुछ महीनों की तेज़ी के बाद बिकवाली हावी।
हाई वैल्यूएशन के चलते छोटे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
“High Valuation और बिकवाली के दबाव से ये शेयर टूट रहे हैं।”
Auto और Metal शेयरों में बिकवाली हावी
Nifty Auto Index 2.5% से ज्यादा गिरा।
M&M, अशोक लेलैंड और मारुति 3-4% टूटे।
Metal सेक्टर में Hindustan Zinc, Vedanta और WELCORP 2-3% गिरे।
Auto सेक्टर पर उच्च ब्याज दरों और मांग में सुस्ती का असर पड़ा है।
IT शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट, 3% से ज्यादा नुकसान
Nifty IT Index 3% से अधिक गिरा, जिससे यह सबसे कमजोर सेक्टर रहा।
4 दिनों में IT इंडेक्स ने 3,000 पॉइंट गंवाए।
Wipro, Tech Mahindra, Persistent Systems 5% तक टूटे।
“वैश्विक मंदी की आशंका और अमेरिकी बाजारों में गिरावट से IT शेयरों पर दबाव बना हुआ है।”
बाजार में गिरावट के 4 प्रमुख कारण
वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
- अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
FIIs (विदेशी निवेशक) की बिकवाली
- भारी बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है।
ब्याज दरें और महंगाई
- वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे बाजार प्रभावित हुआ।
मुनाफावसूली
- फरवरी सीरीज में तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकाला, जिससे गिरावट बढ़ी।