‘निफ्टी इंडिया इंटरनेट एंड ई-कॉमर्स इंडेक्स’
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की सहायक कंपनी NSE इंडेक्स ने 28 फरवरी 2025 को ‘निफ्टी इंडिया इंटरनेट एंड ई-कॉमर्स इंडेक्स’ लॉन्च किया।
यह थीमेटिक बेंचमार्क इंडेक्स उन कंपनियों को ट्रैक करता है जो मुख्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होती हैं।
इंडेक्स की संरचना और विशेषताएं
- यह इंडेक्स निफ्टी टोटल मार्केट से लिए गए 21 स्टॉक्स पर आधारित है।
- फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन-बेस्ड वेटिंग का पालन करता है।
- प्रत्येक स्टॉक की अधिकतम सीमा 20% निर्धारित की गई है।
- बेस डेट 1 अक्टूबर 2021 रखी गई है, जिसे 1,000 पॉइंट पर सेट किया गया है।
शीर्ष स्टॉक्स और उनका वेटेज
स्टॉक का नाम | वेटेज (%) |
---|---|
Zomato | 20.3% |
Info Edge | 18.83% |
PB Fintech | 16.72% |
Paytm (One97 Communications) | 7-8% |
Nykaa (FSN E-Commerce Ventures) | 7-8% |
IRCTC | 7-8% |
Angel One, Motilal Oswal, Swiggy, IndiaMART InterMESH | 5% से कम |
सेक्टोरल डिस्ट्रीब्यूशन
सेक्टर | वेटेज (%) |
---|---|
Consumer Services | 65.32% |
Financial Services | 33.48% |
Media, Entertainment और Publication | 1.21% |
इंडेक्स की समीक्षा और पुनर्संतुलन (Rebalancing)
- इंडेक्स की समीक्षा वर्ष में दो बार – मार्च और सितंबर में की जाएगी।
- इसमें जनवरी और जुलाई में समाप्त होने वाले छह महीने के औसत डेटा का उपयोग किया जाएगा।
- SEBI के पोर्टफोलियो कॉन्संट्रेशन मानदंडों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- स्टॉक सस्पेंशन, डीलिस्टिंग या कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग की स्थिति में NSE एड-हॉक रीबैलेंसिंग लागू कर सकता है।
शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को ₹8.8 लाख करोड़ का नुकसान
28 फरवरी 2025 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 2% तक गिर गए।
गिरावट के मुख्य कारण
- वैश्विक व्यापार युद्ध (Global Trade War) की बढ़ती आशंकाएं।
- अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी को लेकर बढ़ती चिंताएं।
- लगातार बिकवाली के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में
- BSE Smallcap इंडेक्स 2.5% और BSE Midcap इंडेक्स 3% नीचे चला गया।
- 908 शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए।
- सभी 13 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स नुकसान में रहे।
मार्केट कैप में ₹8.8 लाख करोड़ की कमी
इस बड़ी गिरावट के कारण भारतीय शेयर बाजार में ₹8.8 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। इससे निवेशकों को भारी झटका लगा।