भारतीय शेयर बाजार और निफ़्टी 50 में ऐतिहासिक गिरावट
अक्टूबर 2024 भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ, जिसमें निफ़्टी 50 ने पिछले पांच सालों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। लगातार बिकवाली के कारण, निफ़्टी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 2000 पॉइंट्स नीचे आ गया है, जो अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इसके मुख्य कारणों में विदेशी निवेशकों की भारी प्रॉफिट बुकिंग और कई कंपनियों के कमजोर तिमाही परिणाम शामिल हैं।
बाजार में भारी बिकवाली का असर
इस अक्टूबर महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग एक लाख करोड़ रुपये निकाले हैं, जो कि महामारी काल के बाद की सबसे बड़ी बिकवाली है। निफ़्टी 50 अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 6% गिर चुका है, और यह गिरावट 2020 के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है, जब निफ़्टी करीब 23% टूटा था।
कमजोर तिमाही नतीजों के कारण कंपनियों पर असर
अक्टूबर में बाजार की गिरावट के कारण टाटा कंज्यूमर, बजाज ऑटो, इंडसइंड बैंक, और बीपीसीएल जैसे प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निफ़्टी अभी भी और करीब 1000 पॉइंट्स टूट सकता है, और निवेशकों को फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
क्यों गिरा भारतीय शेयर बाजार?
- विदेशी निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग उच्च वैल्यूएशन के कारण विदेशी निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग की, जिसके कारण बाजार में लगातार बिकवाली देखने को मिली।
- कमजोर तिमाही नतीजे कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे, जिसके कारण निवेशकों का विश्वास डगमगा गया।
- महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बाजार में ब्याज दरों में वृद्धि और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का भी असर रहा है, जिससे निवेशकों ने भारतीय बाजार से दूरी बनाना शुरू कर दिया।
आगे के लिए क्या करें निवेशक?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि निफ़्टी में अभी और गिरावट आ सकती है, जब तक कि कंपनियों के मजबूत अर्निंग सपोर्ट नहीं आते। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे रिसर्च के साथ निवेश करें और केवल उन कंपनियों में निवेश करें जो दीर्घकालिक दृष्टिकोण से स्थिर हैं।