पीटर लिंच और उनकी रणनीति
पीटर लिंच उन महान निवेशकों में से एक हैं जिन्होंने शेयर बाजार में लगातार उच्च रिटर्न दिया है। उन्होंने अपने 13 साल के कार्यकाल में 29.2% का सालाना औसत रिटर्न दिया, जो एक रिकॉर्ड है। उनकी निवेश रणनीति (Investment Strategy) हर तरह के निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है।
आइए जानते हैं कि पीटर लिंच कैसे निवेश करते थे और उनकी कौन-सी रणनीति हमें अपनानी चाहिए।
“आप जो जानते हैं उसमें निवेश करें” – पीटर लिंच
पीटर लिंच का सबसे प्रसिद्ध निवेश मंत्र है – “Invest in what you know”, यानी आप जिन चीजों को जानते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग करते हैं, उन्हीं में निवेश करें।
उनका कहना था कि –
ऐसे स्टॉक्स चुनें जिनका हम खुद उपयोग करते हैं या जिनकी हमेशा मांग बनी रहती है।
ट्रेंडिंग और हॉट स्टॉक्स के पीछे भागने की बजाय मजबूत कंपनियों में निवेश करें।
यदि कोई कंपनी हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा है और हमें उसकी ग्रोथ दिख रही है, तो वह एक अच्छा निवेश हो सकता है।
उदाहरण
अगर आप रोज़ किसी FMCG कंपनी के प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, किसी बैंकिंग सेवा पर भरोसा करते हैं, या किसी कंपनी के मोबाइल नेटवर्क का उपयोग करते हैं, तो उन कंपनियों के स्टॉक्स को प्राथमिकता दें।
छोटे और छिपे हुए रत्नों (Hidden Gems) में निवेश करें
पीटर लिंच का मानना था कि छोटे और कम चर्चित लेकिन उच्च क्षमता वाले स्टॉक्स में निवेश करना लॉन्ग-टर्म में बड़ा रिटर्न दे सकता है।
हर बड़ा स्टॉक एक समय में छोटा स्टॉक ही था।
छोटी कंपनियों में ग्रोथ की संभावनाएं अधिक होती हैं।
अगर स्टॉक की वैल्यू सही है और कंपनी फंडामेंटली मजबूत है, तो उसमें निवेश करें।
उदाहरण
1980 के दशक में जिन कंपनियों को कोई नहीं जानता था, वे आज मल्टीबैगर स्टॉक्स बन चुकी हैं।
डाइवर्सिफिकेशन और डिविडेंड रीइन्वेस्टमेंट
पीटर लिंच निवेश में डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) और डिविडेंड के पुनर्निवेश (Dividend Reinvestment) को बहुत महत्वपूर्ण मानते थे।
डाइवर्सिफिकेशन का महत्व
- एक ही सेक्टर में ज़्यादा निवेश न करें।
- पोर्टफोलियो को विभिन्न सेक्टर्स में फैलाएं ताकि रिस्क कम हो।
डिविडेंड का पुनर्निवेश करें
- स्टॉक्स से मिलने वाले डिविडेंड को दोबारा निवेश करें।
- लॉन्ग-टर्म में यह रणनीति कंपाउंडिंग के जरिए बड़ा रिटर्न दे सकती है।
वैल्यू इन्वेस्टिंग सही कीमत पर खरीदें
पीटर लिंच वैल्यू इन्वेस्टिंग को बहुत महत्व देते थे।
जब स्टॉक ओवरवैल्यूड हो तो न खरीदें, जब कीमत सही हो तभी निवेश करें।
कम कीमत पर मजबूत कंपनियों में निवेश करना सबसे अच्छा तरीका है।
कंपनी की बैलेंस शीट, प्रॉफिट ग्रोथ और भविष्य की संभावनाओं को समझें।
उदाहरण
अगर कोई स्टॉक ₹500 का है, लेकिन उसकी सही वैल्यू ₹350 होनी चाहिए, तो बेहतर होगा कि आप सही समय का इंतजार करें और कम कीमत पर खरीदें।
कैसे बनें सफल निवेशक?
पीटर लिंच की रणनीतियों को अपनाकर आप भी एक सफल निवेशक बन सकते हैं:
जिन कंपनियों को आप जानते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में देखते हैं, उन्हीं में निवेश करें।
छोटी लेकिन संभावनाओं से भरपूर कंपनियों को पहचानें।
अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करें और डिविडेंड को पुनः निवेश करें।
हमेशा फंडामेंटल मजबूत कंपनियों को चुनें और सही वैल्यू पर खरीदें।
शेयर बाजार में धैर्य रखें और लॉन्ग-टर्म दृष्टिकोण अपनाएं।
अगर आप इन बुनियादी नियमों का पालन करते हैं, तो निश्चित रूप से शेयर बाजार में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
“स्टॉक्स को जादुई रूप से ऊपर जाने का इंतजार न करें, बल्कि समझदारी से निवेश करें।” – पीटर लिंच