निफ्टी की एक्सपायरी सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 4 मार्च 2025 को एक अहम बदलाव की घोषणा की है। अब निफ्टी 50, बैंक निफ्टी, फिन निफ्टी और अन्य…
शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव जारी 14 फरवरी को लगातार आठवें दिन शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, अंतिम घंटे में बाजार निचले स्तर से थोड़ा रिकवर…
प्राइस रिवर्सल क्या होता है? प्राइस रिवर्सल एक ऐसी स्थिति है जिसमें मार्केट की कीमत अपनी मौजूदा दिशा को बदलती है। उदाहरण के लिए: जब बाजार लगातार गिरने के बाद…
कैश सिक्योर पुट्स ट्रेडिंग के फायदे और रणनीति कैश-सिक्योर पुट्स एक प्रभावी और सुरक्षित ट्रेडिंग रणनीति है, जो नियमित आय अर्जित करने और आपके पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने में मदद…
Weekly Options vs. Monthly Options ऑप्शन्स ट्रेडिंग में Weekly और Monthly Options का चुनाव करना आपकी ट्रेडिंग शैली, अनुभव, और जोखिम सहने की क्षमता पर निर्भर करता है। दोनों ऑप्शन्स…
आर्बिट्रेज क्या है ? आर्बिट्रेज का अर्थ है एक ही asset को एक ही समय पर विभिन्न बाजारों में खरीदना और बेचना, ताकि price difference से लाभ कमाया जा सके।…
स्टॉकैस्टिक ऑसिलेटर क्या है ? 1950 के दशक में, Dr. George C. Lane ने स्टॉकैस्टिक ऑसिलेटर नामक एक तकनीकी संकेतक विकसित किया। यह संकेतक किसी संपत्ति की कीमत में होने…
इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए मत्वपूर्ण इंडिकेटर्स इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए सही संकेतकों का चयन करना आवश्यक है। चाहे आप एक नए व्यापारी हों या अनुभवी, इंट्राडे ट्रेडिंग में…
स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट क्या है? ऑप्शन ट्रेडिंग में स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट दो मुख्य घटक हैं, जो ट्रेडिंग रणनीतियों और संभावित लाभ-हानि को प्रभावित करते हैं। आइए…
वोलाटिलिटी क्या होता है ? जानिए इसके प्रभाव और लाभ वोलाटिलिटी, या अस्थिरता, स्टॉक मार्केट में कीमतों के उतार-चढ़ाव को दर्शाती है और इसका ट्रेडिंग पर सीधा प्रभाव होता है।…
आयरन कॉन्डोर क्या है? आयरन कॉन्डोर एक लोकप्रिय ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति है, जिसमें चार ऑप्शन्स शामिल होते हैं—दो कॉल ऑप्शन और दो पुट ऑप्शन। यह रणनीति ऐसे निवेशकों के लिए…