भारत और अमेरिका के बीच कस्टम ड्यूटी पर वार्ता
भारत देगा अमेरिका को ड्यूटी में रियायत, बदले में ऑटो पार्ट्स और दवाओं पर राहत की मांग
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वार्ता नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। भारत सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह अमेरिका से आयातित कुछ कृषि उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी में कटौती को लेकर तैयार है। इनमें विशेष रूप से बादाम (almonds) और पिस्ता (pistachios) जैसे फार्म गुड्स शामिल हैं।
वर्तमान में भारत बादाम पर ₹35 प्रति किलोग्राम और पिस्ता पर ₹10 प्रति किलोग्राम की बेसिक कस्टम ड्यूटी वसूलता है, लेकिन अब इनमें कटौती की संभावना जताई जा रही है, जिससे अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सके।
भारत की मांग ऑटोमोबाइल पार्ट्स और फार्मास्युटिकल पर छूट
इस रियायत के बदले में भारत ने अमेरिका से अपने ऑटोमोबाइल पार्ट्स और फार्मा प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी में राहत देने की मांग की है। इन वस्तुओं को लेकर दोनों देशों के बीच पिछले महीने से बातचीत चल रही है और प्रतिनिधि स्तर पर सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधि का भारत दौरा
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल, जिसमें Assistant U.S. Trade Representative ब्रेंडन लिंच शामिल थे, 24 से 29 मार्च के बीच भारत दौरे पर रहा। इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने उन उत्पादों की सूची साझा की जिन पर अमेरिका से ड्यूटी में राहत की अपेक्षा है।
हालांकि, अमेरिका ने फिलहाल फार्मा प्रोडक्ट्स को टैरिफ के दायरे से बाहर रखा है, लेकिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए संकेतों के अनुसार, भविष्य में फार्मा पर भी विशेष टैरिफ लागू किया जा सकता है।
पीयूष गोयल की अगुवाई में भारत ने रखी मांग
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मार्च की शुरुआत में अमेरिका का दौरा किया था, जहां उन्होंने अमेरिका को एक विस्तृत लिस्ट सौंपी थी, जिसमें भारत ने अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया था। यह लिस्ट संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते का आधार बन सकती है, जिसकी घोषणा साल के अंत तक संभव है।
सूत्रों के अनुसार और भी उत्पाद जोड़े जा सकते हैं
सूत्रों की मानें तो इस लिस्ट में आने वाले दिनों में और भी आइटम्स जोड़े जा सकते हैं। Moneycontrol की 3 अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार भारत, Executive Order Section 4C के तहत बातचीत कर रहा है ताकि अमेरिका से व्यापक स्तर पर ड्यूटी राहत हासिल की जा सके।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की स्थिति
भारत, अमेरिका को निर्यात करने वाले देशों की सूची में 10वें स्थान पर है। वर्ष 2024 में भारत ने अमेरिका को 91 अरब डॉलर का निर्यात किया था। इस सूची में मैक्सिको पहले, चीन दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर हैं।
निष्कर्ष व्यापार संतुलन की ओर एक रणनीतिक कदम
भारत और अमेरिका के बीच यह बातचीत केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। जहां भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों को राहत देने को तैयार है, वहीं वह अपने प्रमुख क्षेत्रों – ऑटोमोबाइल और फार्मा – को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिकाए रखने के लिए अमेरिका से रियायत चाहता है। यह वार्ता भविष्य के एक व्यापक व्यापार समझौते की नींव रख सकती है।