टाटा कैपिटल आईपीओ टाटा ग्रुप की नई मार्केट एंट्री
टाटा ग्रुप, जिसने TCS और Tata Technologies जैसे मजबूत ब्रांड्स दिए हैं, अब अपनी वित्तीय सेवा इकाई Tata Capital को स्टॉक मार्केट में उतारने की तैयारी कर रहा है। इस IPO की साइज करीब ₹15,000 करोड़ हो सकती है, जो भारतीय बाजार में एक बड़ा आकर्षण बन सकता है।
टाटा कैपिटल एक परिचय
Tata Capital एक Non-Banking Financial Company (NBFC) है, जो टाटा संस की 92.83% हिस्सेदारी के तहत आती है। यह NBFC सेक्टर में अपने विविध उत्पादों और मजबूत वित्तीय ग्रोथ के लिए जानी जाती है।
- AUM ग्रोथ मार्च 2024 तक Tata Capital का AUM (Assets Under Management) ₹1,58,479 करोड़ तक पहुंच गया, जो मार्च 2023 में ₹1,19,950 करोड़ और मार्च 2022 में ₹94,349 करोड़ था।
- रिज़र्व बैंक की गाइडलाइंस Upper Layer NBFC के तौर पर कंपनी को सितंबर 2025 तक लिस्टिंग करनी अनिवार्य है।
IPO की तैयारी और प्लानिंग
सूत्रों के अनुसार, Tata Capital ने IPO के लिए बड़े कदम उठाए हैं
- एडवाइज़र्स की नियुक्ति लॉ फर्म Cyril Amarchand Mangaldas और इन्वेस्टमेंट बैंक Kotak Mahindra Capital को IPO एडवाइजर नियुक्त किया गया है।
- ओएफएस प्लान (Offer for Sale) IPO के दौरान नए शेयर जारी किए जाएंगे और मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी घटाएंगे।
- इन्वेस्टमेंट बैंक्स के साथ चर्चा अन्य प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंक्स के साथ भी बातचीत जारी है।
मार्केट में संभावनाएं
टाटा ग्रुप की यह फाइनेंशियल इकाई अपनी मजबूत AUM ग्रोथ, विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और ब्रांड वैल्यू के चलते बाजार में निवेशकों के बीच एक मजबूत कंटेंडर मानी जा रही है।
निष्कर्ष
टाटा ग्रुप की कंपनियां हमेशा से अपने मजबूत फंडामेंटल्स और शानदार परफॉर्मेंस के लिए मशहूर रही हैं। Tata Capital का IPO फाइनेंशियल सर्विसेज में निवेश के लिए बड़ा अवसर प्रदान कर सकता है। यह देखना रोचक होगा कि यह IPO बाजार में कैसी प्रतिक्रिया प्राप्त करता है।
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