ट्रंप की नई व्यापार नीति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि भारत, चीन और अन्य व्यापारिक साझेदारों पर प्रतिशोधात्मक शुल्क (reciprocal tariffs) लगाया जाएगा। ट्रंप ने इस फैसले को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह नीति अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लागू की जा रही है।
अमेरिका के व्यापार असंतुलन को सुधारने का प्रयास
व्हाइट हाउस में दिए गए भाषण में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को दशकों से व्यापारिक असंतुलन और अन्याय का सामना करना पड़ा है। उनका दावा है कि कई देश अमेरिकी उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता है। इस असंतुलन को ठीक करने के लिए अमेरिका ने “Reciprocal Tariffs” लागू करने का निर्णय लिया है।
नई व्यापारिक नीति के मुख्य बिंदु
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अमेरिका ने विभिन्न देशों पर प्रतिशोधात्मक शुल्क लगाने की घोषणा की।
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ये शुल्क उन दरों का हिस्सा होंगे, जो ये देश अमेरिकी उत्पादों पर लगाते हैं।
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ट्रंप का दावा है कि अमेरिका पूरी तरह समान शुल्क नहीं वसूलेगा, बल्कि यह शुल्क केवल अन्य देशों द्वारा लगाए गए करों का आधा होगा।
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सभी आयातों पर 10% का आधार शुल्क पहले से ही लागू रहेगा।
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कुछ देशों पर शुल्क कम रखा गया है, जबकि कुछ देशों पर अधिक लगाया गया है।
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ट्रंप का कहना है कि यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उद्योगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
देश-विशेष व्यापार शुल्क की सूची
सबसे अधिक शुल्क वाले देश (30% से अधिक टैरिफ)
अमेरिका के अनुसार, ये वे देश हैं जो पहले से ही अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाते हैं।
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वियतनाम – 46%
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श्रीलंका – 44%
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कंबोडिया – 49%
मध्यम शुल्क वाले देश (20% से 35% के बीच टैरिफ)
ये वे देश हैं जिन पर अमेरिकी सरकार ने मध्यम स्तर का टैरिफ लगाया है।
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चीन – 34%
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भारत – 26%
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जापान – 24%
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दक्षिण कोरिया – 25%
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यूरोपीय संघ – 20%
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पाकिस्तान – 29%
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स्विट्जरलैंड – 31%
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इंडोनेशिया – 32%
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मलेशिया – 24%
न्यूनतम शुल्क वाले देश (10% से 20% के बीच टैरिफ)
कुछ देशों को कम शुल्क के दायरे में रखा गया है।
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यूनाइटेड किंगडम – 10%
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ऑस्ट्रेलिया – 10%
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ब्राजील – 10%
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सिंगापुर – 10%
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तुर्की – 10%
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चिली – 10%
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इज़राइल – 17%
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फिलीपींस – 17%
ट्रंप की नई टैरिफ नीति कब लागू होगी?
ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय आपातकाल के तहत इन शुल्कों को लागू करने का फैसला लिया है।
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सभी अमेरिकी आयातों पर 10% आधार शुल्क – 5 अप्रैल, सुबह 9:30 बजे (IST) से लागू
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देश-विशेष व्यापार शुल्क – 9 अप्रैल, सुबह 9:30 बजे (IST) से प्रभावी
वैश्विक व्यापार पर प्रभाव
इस नई नीति के लागू होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। कई देशों को अब अमेरिका को अपने उत्पाद निर्यात करने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जिससे उनकी वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
विशेष रूप से भारत पर लगाए गए 26% टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, खासकर फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल उद्योगों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है और कई देश अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम उठा सकते हैं।