वोडाफोन आइडिया
वित्तीय संकट के बीच नई रणनीति
वोडाफोन आइडिया ने अपनी टेलीकॉम सेवाओं के विस्तार के लिए Starlink और OneWeb जैसी सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियों से बातचीत शुरू की है। यह चर्चा उन दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क सेवा उपलब्ध कराने को लेकर हो रही है जहां फाइबर ऑप्टिक या मोबाइल टावर लगाना मुश्किल है।
कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) जगबीर सिंह ने कहा कि वे Starlink के अलावा अन्य सैटकॉम कंपनियों से भी बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय कंपनी की रणनीति और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा।
जियो और एयरटेल की मौजूदा साझेदारी
वोडाफोन आइडिया का यह कदम तब आया है जब रिलायंस जियो और भारती एयरटेल पहले ही SpaceX की Starlink के साथ साझेदारी कर चुकी हैं।
- रिलायंस जियो और एयरटेल ने Starlink की हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सेवा भारत में लाने के लिए करार किया है।
- ये कंपनियां दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए Starlink के उपकरण और सेवाएं अपने रिटेल आउटलेट्स के जरिए उपलब्ध कराएंगी।
वोडाफोन आइडिया की दोहरी रणनीति
वोडाफोन आइडिया अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए दो स्तरों पर काम कर रही है:
1. दूरस्थ क्षेत्रों में टेलीकॉम सेवाओं का विस्तार
- ऐसे इलाकों में नेटवर्क पहुंचाना जहां अब तक नेटवर्क कवरेज नहीं है।
- इसमें मोबाइल सेवाएं और फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड शामिल होंगे।
2. फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड का विस्तार
- ग्रामीण और छोटे शहरों में जहां टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर लगाना महंगा है, वहां फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करना।
- फिलहाल, कंपनी इस पर सीमित ध्यान दे रही है और इसकी व्यवसायिक व्यवहार्यता का मूल्यांकन कर रही है।
5G नेटवर्क और भविष्य की योजनाएं
- वोडाफोन आइडिया मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में 5G नेटवर्क के व्यावसायिक संचालन पर काम कर रही है।
- 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सेवाओं का भी परीक्षण जारी है।
- बिजनेस मॉडल पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है, लेकिन कंपनी रिटेल और एंटरप्राइज यूजर्स की मांग के अनुसार इसे लॉन्च कर सकती है