Zomato Share Price Falls तिमाही नतीजों के बाद
भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिली, लेकिन कॉर्पोरेट अर्निंग सीजन के कारण कई स्टॉक्स में स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है। Zomato के शेयरों में आज 3.6% की गिरावट आई और यह ₹239 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
इस गिरावट के पीछे कंपनी के हाल ही में घोषित Q3 तिमाही नतीजे हैं, जो कि उम्मीद से कमजोर रहे।
Zomato Q3 नतीजे मुख्य आंकड़े
- नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट
- Zomato का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 57% गिरकर ₹59 करोड़ रह गया।
- पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹138 करोड़ था।
- हालांकि, तिमाही दर तिमाही (QoQ) आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 66% बढ़ा, जो कि पिछले क्वार्टर में ₹176 करोड़ था।
- ऑपरेशनल रेवेन्यू में वृद्धि
- Zomato का ऑपरेशन रेवेन्यू ₹5,405 करोड़ दर्ज किया गया।
- यह साल दर साल (YoY) 64% की वृद्धि को दर्शाता है।
- ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV)
- Zomato की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) में साल दर साल 57% की बढ़ोतरी हुई है।
- तिमाही आधार (QoQ) पर यह आंकड़ा 14% बढ़कर ₹20,000 करोड़ हो गया है।
- मार्केट कैप और फाइनेंशियल इंडिकेटर्स
- कंपनी का मार्केट कैप ₹2,44,000 करोड़ है।
- प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 239।
- बुक वैल्यू ₹30.96।
- पिछले 2 वर्षों में 378% रिटर्न दिया है।
Zomato शेयर में गिरावट के कारण
- नेट प्रॉफिट में गिरावट
- हालांकि रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन प्रॉफिट में 57% गिरावट ने निवेशकों को निराश किया है।
- लागत बढ़ने और कैश बर्न की वजह से मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।
- मार्जिन में दबाव
- बढ़ते मार्केटिंग और ऑपरेशनल खर्चों के चलते प्रॉफिट मार्जिन प्रभावित हुए हैं।
- निवेशकों को इस बात की चिंता है कि कंपनी ग्रोथ के साथ-साथ प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने में संघर्ष कर सकती है।
- वैल्यूएशन ज्यादा होना
- ₹2,44,000 करोड़ के मार्केट कैप और 239 P/E रेश्यो के कारण स्टॉक का वैल्यूएशन ज्यादा माना जा रहा है।
- निवेशक इस उच्च वैल्यूएशन पर जोखिम लेने से बच रहे हैं।
Zomato के लिए आगे का मार्ग
- लॉन्ग टर्म ग्रोथ पोटेंशियल
- कंपनी के मजबूत ग्राहक आधार और बढ़ते ऑनलाइन फूड डिलीवरी ट्रेंड के चलते लॉन्ग टर्म में अच्छी संभावनाएं हैं।
- तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स (Blinkit) और नए प्रोडक्ट सेगमेंट्स में निवेश फायदेमंद हो सकता है।
- प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान देना जरूरी
- Zomato को अपने ऑपरेशनल खर्चों को कंट्रोल कर नेट प्रॉफिट को बढ़ाने की जरूरत है।
- निवेशकों की नजरें अगली तिमाही के नतीजों पर टिकी होंगी।
क्या निवेशकों को स्टॉक में निवेश करना चाहिए?
- शॉर्ट टर्म तिमाही नतीजे कमजोर होने से शॉर्ट टर्म में और गिरावट आ सकती है।
- लॉन्ग टर्म कंपनी के बिजनेस मॉडल और इंडस्ट्री ट्रेंड को देखते हुए लॉन्ग टर्म में निवेश का अवसर मिल सकता है, लेकिन वेल्यूएशन अधिक है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
निष्कर्ष
Zomato के शेयर में गिरावट के पीछे मुख्य कारण कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजे और बढ़ती लागत हैं। हालांकि, लॉन्ग टर्म में ग्रोथ पोटेंशियल मजबूत है, लेकिन निवेशकों को मौजूदा उच्च वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए।